चन्द्र दुसरे भाव में

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दुसरे भाव में चन्द्र स्थित होने से जातक सम्पत्तिवान होता है, सभी से मीठा बोलकर सभी का दिल जितने वाला होता है ! जातक परदेस वास भी करता है ! यदि चन्द्र बुरे प्रभाव में हो तो व्यवसाय में हानि होती है ! स्त्री सम्बन्धी अथवा स्त्री के सहयोग से व्यवसाय अच्छा चलता है ! विदेश में कार्य करना विशेष फलदायक होता है ! यदि कुंडली के दुसरे भाव में चन्द्र पापी गृह की संगत में हो तो जातक अनैतिक कार्य करता है और इसी कारण उसे कारावास भी हो सकता है !

नोट :- उपरोक्त लिखे गए सभी फल वैदिक ज्योतिष और शास्त्रों के आधार पर लिखे गए है ! सभी बारह लग्नो के आधार और अन्य ग्रहों की स्थति के आधार पर फल बदल सकते है !

लेखक  ज्योतिषी सुनील कुमार

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