धनवान कैसे बनें ?

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दुनिया में हर इंसान धनवान बनना चाहता है , लेकिन धनवान बनना हर एक के लिए आसान नहीं है क्योकि महनत के साथ साथ अच्छी किस्मत का होना अति आवशयक है, सभी मेहनती लोग धनवान नहीं बन सकते इसके विपरीत कई लोग ऐसे भी है जो अपनी किस्मत के ज़रिये कम महनत अथवा गलत कार्यों द्वारा अधिक धन कम लेते है ! में यहाँ पर कुछ ज्योतिषीय तथ्यों को रखना चाहता हूँ जिनके द्वारा एक आम इंसान भी अपने जीवन में बहुत धन कमा लेता है!

हमारी कुंडली में १२ घर १२ राशियाँ और ९ गृह होते है , वैदिक ज्योतिष के अनुसार हमारे जीवन की हर छोटी से छोटी घटना इन १२ घरों १२ राशियों और ९ ग्रहों से जुडी होती है , जब आप अपने जीवन में किसी चीज़ को प्राप्त करने की कोशिश करते है तो वह चीज़ आप तक पहुचेगी या नहीं इस बात का फैसला आपकी कुंडली में स्थित ग्रह करते है, आपके अच्छे गृह आपको जीवन में सफलताओं की और प्रेरित करते है और बुरे गृह जीवन में हर कदम पर परेशानिया उत्पन्न करते है, आप अपने जीवन में कितना धन कमाएंगे इसका फैसला भी आपकी कुंडली में स्थित वह गृह करते जो धन योग से सम्बन्ध रखते है ! यदि धन योग का निर्माण करने वाले गृह खराब घरों में अथवा खराब अवस्था में होते है तो वह अपने कार्य को पूरा नहीं कर सकते , फलस्वरूप जातक धन होने की बजाये गरीबी की जिन्दगी प्राप्त करता है, ग्रहों स्थिति यदि ज्यदा खराब हो तो जातक के ऊपर जीवन भर क़र्ज़ रहता है, और वह जीवन भर क़र्ज़ में डूबा रहता है ! और यही कारण है की हर जातक जो महनत करता धनवान नहीं होता क्योकि धन वां होने के लिए कुंडली अच्छे धन योगो का होना अनिवार्य है और उन ग्रहों से सम्बंधित दशा और अंतर दशाओं का होना भी आवशयक है ,

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उधारण के लिए बिल गेट्स के धनवान होने के पीछे उनकी महनत के साथ उनकी कुंडली में उपस्थित अच्छे धन योगो का हाथ है ! चलो हम जानने की कोशिश करते है बिल गेट्स को उनके ग्रहों ने किस प्रकार धनवान बनाने में सहायता करी है और ऐसे कौन से धन योग है जिनके द्वारा उन्होंने इतना धन कमाया!

में यहाँ पर धन योग से जुड़े कुछ तथ्यों को बताना चाहता हूँ , वैदिक ज्योतिष के अनुसार कुंडली का पहला, दूसरा, दसवां और ग्यारहवां धन योग से सम्बन्ध रखता है ! और इन घरों के मालिक ग्रहों और उनकी दशाओं का संबध होना भी अनिवार्य होता है !

पहले घर का मालिक गृह हमेशा अच्छी स्थिति में , केंद्र अथवा त्रिकोण में होना चाहिए ताकि जातक के जीवन में कम से कम परेशनिया और अच्छी सेहत मिल सके !

यदि इसका सम्बन्ध दुसरे या ११ वें घर के मालिक ग्रहों से केंद्र अथवा त्रिकोण में बने तो धन योग का निर्माण होता है ! किसी बुरे गृह की दृष्टि अथवा सम्बन्ध इस योग को निष्क्रिय कर सकता है ! आप बिल गेट्स की कुंडली में देख सकते है की बुध गृह जो की लग्न का मालिक है मंगल के साथ जो की ११ वे का मालिक है चोथे घर में स्थित है जो की एक केंद्र स्थान है !

दूसरा घर हमारा धन स्थान होता है यहाँ से जातक के संचय धन का पताचलता है , दुसरे स्थान के मालिक की अच्छी  स्थिति किसी अच्छे गृह के साथ केंद्र या त्रिकोण में एक बेहतरीन धनयोग का निर्माण करती है , देखे बिल गेट्स की कुंडली में चन्द्र गृह जो की दुसरे स्थान का मालिक होकर दसवें स्थान पर है , दसवा घर हमारे व्यवसाय से सम्बंधित होता है , यदि दुसरे घर के स्वामी का सम्बन्ध दसवे घर से हो तो जातक व्यवसाय द्वारा धन अर्जित करने में सक्षम होता है!

ग्यारहवां घर हमारी रोजाना की कमाई को दर्शता है , अच्छी कमाई के लिए इस घर के स्वामी का सम्बन्ध १,२,अथवा १० वे घर या उनके स्वामियों से होना चाहिए! बिल गेट्स की कुंडली में ११ वे का स्वामी गृह मंगल , लग्न के स्वामी बुध के साथ चोथे घर अथवा केंद्र में स्थित है, यह एक दोहरा धन योग है जो बिल गेट्स को रोज़ मर्रा की कमाई के अच्छे साधन जुटाने के लिए प्रेरित करता है ! इनके आलावा और भी कई ऐसे तथ्य है जो जातक को धनवान बनाने के लिए आवशयक है!

लेखक सुनील कुमार

 

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