बुध दूसरे भाव में

बुध दूसरे भाव में

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यदि बुध कुंडली के दूसरे भाव में स्थित हो तो जातक मधुरभाषी, अच्छा वक्ता, सुखी, सुन्दर, अधिक मीठा पसंद करने वाला, तथा न्याय के क्षेत्र में धन कमाने वाला होता है | ऐसा जातक कंजूस परन्तु साहसी व् अच्छे कार्य करने वाला होता है | बुध कुंडली के दूसरे भाव में यदि शुभ स्थिति में हो तो व्यक्ति को अत्यधिक धनि बना सकता है तथा व्यक्ति वाचाल प्रवृति का, स्त्री वर्ग का भोगी, धर्म शास्त्र का ज्ञाता तथा गुणी होता है | कुंडली के दूसरे भाव में बुध यदि पाप प्रभाव में न हो तो व्यक्ति चाहे अनपढ़ ही क्यों न हो परन्तु अत्यधिक बुद्धिमान होता है |

यदि बुध कुंडली के दूसरे भाव में कन्या राशि में स्थित है तो अपनी दशाओं में जातक को अत्यधिक धन प्रदान करता है क्योकि बुध कन्या राशि में आय तथा धन भाव का स्वामी होता है | बुध यदि स्त्री राशि, वृषभ, कर्क, कन्या, वृश्चिक, मकर अथवा मीन राशि में स्थित हो तो व्यक्ति धनवान हो सकता है परन्तु द्वितीय भाव पर कोई पाप प्रभाव नहीं होना चाहिए | कर्क व् मिथुन लग्न को छोड़कर किसी भी लगन में यदि बुध द्वितीय स्थान पर पाप प्रभाव में हो और द्वितीय भाव का स्वामी वक्री हो तो जातक महा दरिद्र अथवा बहुत गरीब हो सकता है | ऐसी स्थिति में जातक को बुध तथा द्वितीय भाव के स्वामी से सम्बंधित विशेष उपाय करने चाहिए |

उपरोक्त लिखे गए बुध के कुंडली के दूसरे भाव में फल वैदिक ज्योतिष के आधार पर लिखे गए है | कुंडली में अन्य ग्रहों की स्थिति के अनुसार बुध के फल के विभिन्नता हो सकती है |

ज्योतिष सुनील कुमार

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