मंगल आठवे भाव में

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यदि कुंडली के आठवे भाव में मंगल स्थित हो तो वह भी मांगलिक दोष से पीड़ित होता है, यह दोष विशेषकर जातक के जीवन साथी के लिए अनिष्टकारी होता है ! आठवे भाव के मंगल के प्रभाव से जीवन साथी का विछोह सहना पड़ता है ! इस मंगल के जातक अधिकतर रोग्रस्त रहते है ! नेत्र रोग और शराब का आदि हो सकता है ! अष्टम का मंगल दुर्घटना में चोट लगने का भी कारण बनता है ! मेरा मानना है की जिस जातक की कुंडली में अष्टम का मंगल हो उसे रक्त दान करते रहना चाहिए, इससे उसके जीवन में दुर्घटनाओ का भय ख़त्म हो जाएगा !

नोट :- उपरोक्त लिखे गए सभी फल वैदिक ज्योतिष और शास्त्रों के आधार पर लिखे गए है ! सभी बारह लग्नो के आधार और अन्य ग्रहों की स्थति के आधार पर फल बदल सकते है !

लेखक  ज्योतिषी सुनील कुमार 

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