मंगल ग्यारहवे भाव में

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यदि कुंडली के ग्यारहवे भाव में मंगल स्थित हो तो जातक क्रोधी, कटु भाषा का प्रयोग करने वाला , झगडालू किस्म का होता है, परन्तु वह हमेशा न्याय की बात करता है ! ग्यारहवे भाव में मंगल की स्थिति के कारण जातक आर्थिक रूप से सक्षम होता है ! ऐसे व्यक्ति को कई बार पैत्रिक संपत्ति से हाथ धोने पड़ता है ! यदि स्त्री कुंडली में मंगल ग्यारहवे भाव में हो तो गर्भपात का खतरा बना रहता है ! मंगल के अवरोध के कारण शिक्षा में भी अवरोध उत्पन्न होते है ! ग्यारहवे भाव का मंगल हाथ और मशीनरी के कार्य में सफलता देता है ! यदि जातक रिश्वत लेता है तो पकड़ा अवश्य जाता है और इसके लिए उसे समाज में अपमानित और जेल तक हो सकती है !

नोट :- उपरोक्त लिखे गए सभी फल वैदिक ज्योतिष और शास्त्रों के आधार पर लिखे गए है ! सभी बारह लग्नो के आधार और अन्य ग्रहों की स्थति के आधार पर फल बदल सकते है !

लेखक  ज्योतिषी सुनील कुमार

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