मंगल दुसरे भाव में

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यदि कुंडली के दुसरे भाव में मंगल स्थित हो व्यक्ति में वाणी दोष होता है, व्यक्ति की वाणी कर्कश होने के कारण व्यक्ति का अपने मित्रों और परिवार से मनमुटाव बना रहता है ! व्यक्ति मुख रोगी और परिवार में क्लेश करने वाला होता है ! व्यक्ति को मसाले दार और चटपटा भोजन करना पसंद होता है परन्तु व्यक्ति कंजूस परवर्ती का होता है ! यदि दुसरे भाव के मंगल की अशुभता के कारण व्यक्ति जुवा अथवा सट्टा खेलता है तो कंजूसी नहीं करता ! व्यक्ति को स्त्री वर्ग अथवा पत्नी द्वारा आर्थिक लाभ अवश्य होता है, परन्तु व्यक्ति अपनी कर्कश वाणी और व्यसनों के कारण ये लाभ भी गवा देता है ! दुसरे भाव में मंगल यदि अधिक अशुभ हो तो तलाक और कुटुंब से अलग रहना जैसे भी फल देता है !

नोट :- उपरोक्त लिखे गए सभी फल वैदिक ज्योतिष और शास्त्रों के आधार पर लिखे गए है ! सभी बारह लग्नो के आधार और अन्य ग्रहों की स्थति के आधार पर फल बदल सकते है !

लेखक ज्योतिषी  सुनील कुमार

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