मेरी नौकरी क्यों चली गई ?

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पूरी दुनिया से रोजाना लोग मुझे ईमेल और फोन करके एक बात पूछते है ! की उनकी नौकरी क्यों चली गई, अभी तक तो सभी कुछ बहुत अच्छा चल रहा था फिर अचानक ऐसा क्या हो गया की बैठे बिठाय मुझे अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा ! वे मुझसे इसका ज्योतिषीय कारण और निवारण पूछते है ! दोस्तों मै आज आपके सामने कुछ ऐसे ज्योतिष के तथ्यों पर रौशनी डालूँगा जिनका सीधा सम्बन्ध किसी जातक की नौकरी छुट जाने से होता है !

जैसा की मै आपको अपने पहले के कई लेखो में बता चूका हूँ की यदि जातक के जीवन में किसी शुभ गृह की दशा जवानी के समय में आ जाये तो वह जातक को एक अच्छी नौकरी और पद की प्राप्ति होती है ! लेकिन उस नौकरी और पद की स्थिरता उस दशा की अवधि पर निर्भर करती है , उदाहण के लिए यदि आप की नौकरी सूर्य की दशा में लगी, तो सूर्य की दशा किसी भी के जीवन में सिर्फ ६ वर्षों के लिए आती है उसके बाद अगले १० वर्ष के लिए चन्द्र की दशा आएगी, अब चन्द्र भी आपकी कुंडली के हिसाब से शुभ है तो आपकी नौकरी की स्थिरता बनी रहेगी और उच्च पद की प्राप्ति हो जाएगी परन्तु यदि चन्द्र ने अशुभ फल दिया तो आपकी नौकरी में परेशानिया उत्पन्न हो सकती और नौकरी जाने का भी खतरा हो सकता है ! यही कारण है की कई मामलों नौकरी अचानक चली जाती है ! अच्छे और बुरे ग्रहों के गोचर का भी अत्यधिक प्रभाव हमारे जीवन पर पड़ता है , कई बार यदि दशा अच्छी भी चल रही हो तो शनि , राहू, केतु और मंगल जैसे ग्रहों के गोचर का भी बुरा असर हमारी नौकरी पर पड़ सकता है फलस्वरूप स्थान्तरण जैसे फल प्राप्त होते है ! विशेषकर कुंडली के ६, १०, ११ और १ भाव पर अशुभ ग्रहों का गोचर अशुभ फल प्रदान करता है !

कई मामलों में यदि दशा शुभ चल रही हो और गोचर में भी अशुभ ग्रहों का असर न हो, तो भी अशुभ ग्रहों की अन्तेर्दशा और पत्यांतर दशाओ के चलते नौकरी में परेशनी आ सकती है! उधारण के तौर पर यदि सूर्य की दशा में शनि या राहू का अन्तर आ जाये तो परेशानी हो सकती है ! यदि आपकी नौकरी में भी अचानक से परेशानिया आ रही है और आपको डर है की कही आपकी नौकरी चली न जाये तो किसी भी अनुभवी ज्योतिषी से अपनी कुंडली का निरिक्षण करवाए और नौकरी जाने से पहले ही इसका निवारण करे !

लेखक

ज्योतिषी सुनील कुमार

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