शाहरुख़ खान की कामयाबी का रहस्य

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2014/08/21

शाहरुख़ खान का जन्म २ नवम्बर १९६५ में भारत के दिल्ली प्रदेश में हुआ ! शाहरुख़ खान भारतीय सिनेमा के उन जाने माने कलाकारों में से है जिन्होंने बहुत ही मामूली मध्यम वर्ग के परिवार से आकर आसमान की बुलंदियों को छुआ है ! लेकिन मध्यम वर्ग के परिवार से जुड़े लाखों लोग जिन्दगी भर कड़ी मेहनत करते है परन्तु सभी शाहरुख़ खान की तरह उचाईयों को नहीं छु पाते, क्या शाहरुख़ के पास कुछ खास था जिनकी वजह से उन्हें इतनी शोहरत मिली ? जी हा उनको सहायता मिली उनकी कुंडली के बेहतरीन ग्रहों की स्थिति और उनसे निर्मित राज योगो से ! क्योकि जीवन में कामयाबी हमारी कुंडली में निर्मित योगो पर निर्भर करती है!

Shahrukh-horoscope

चलो आज हम शाहरुख़ खान की कुंडली में निर्मित योगो का निरिक्षण करके  उनको मिलने वाली कामयाबी का राज़ जानने की कोशिश करते है! शाहरुख़ खान की सिंह लग्न की कुंडली है और लग्न का स्वामी तीसरे भाव में स्थित है ! यदि लग्न का स्वामी का सम्बन्ध तीसरे घर से हो तो वह व्यक्ति अत्यंत मेहनती होता है, इससे पता चलता है की शाहरुख़ खान ने अपने जीवन में अत्यंत मेहनत करी है ! इसके आलावा उनकी कुंडली में दो बेहतरीन पंचमहापुरुष योगो का निर्माण होता है , शश योग शनि की स्थिति सातवे भाव में कुम्भ , अपनी राशी में होने से होता है और रुचक योग का निर्माण चौथे भाव में स्थित स्वयं राशी के मंगल द्वारा निर्मित होता है ! रुचक योग के निर्माण से शाहरुख़ खान के जीवन में सभी प्रकार के एशो आराम और सुख सुविधाओं की प्राप्ति हुई, इस योग के द्वारा उन्हें माँ के रूप में एक ऐसा सहायक प्राप्त हुआ जिन्होंने जीवन के हर कठिन से कठिन मोड़ो पर शाहरुख़ की कठनाइयों को कम कर दिया, चोथे भाव का सीधा सम्बन्ध माँ से होने के कारण इस योग द्वारा उन्हें माँ की तरफ से विशेष सहायता और आशीर्वाद प्राप्त हुआ ! और सातवे भाव में शश योग के निर्माण से उन्हें एक भाग्यशाली पत्नी का साथ प्राप्त हुआ, इसीलिए गौरी से शादी करने के तुरंत बाद से ही शाहरुख़ की किस्मत ने पलटी मार कर उन्हें एक के बाद एक हिट फिल्मो में काम करने का मौका मिला और वह कामयाबी की सीडिया चडते गए ! शादी से पहले शाहरुख़ ने अपने जीवन में कई कठनाइयों का सामना किया, आप देख सकते है की चौथे भाव में केतु और दसवे भाव में राहू होने के कारण उनके माता पिता को जीवन में बहुत संघर्ष करना पड़ा और शाहरुख़ को छोटी उम्र में अपने पिता का साथ खोना पड़ा ! क्योकि उस समय शाहरुख़ की कुडली में राहू की महादशा चल रही थी और राहू की स्थिति दसवे भाव अथवा पिता के घर में होने से, पिता को कठिनाई और पिता को खोने जैसे फल प्राप्त हुए ! परन्तु राहू की दशा समाप्त होने के पश्चात् जैसे ही गुरु की दशा की शुरुआत हुई, शाहरुख़ को गौरी जैसी भाग्यशाली पत्नी की प्राप्ति हुई और एक के बाद एक हिट फिल्मों ने उन्हें कामयाबी की तरफ ऐसा धकेल दिया की उन्होंने दोबारा अपने जीवन में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा ! गुरु और शनि की दशाओं ने शाहरुख़ बहुत शोहरत प्रदान करी, २०१२७ में उनकी शनि की दशा समाप्त हो जाएगी और बुध की दशा का प्रारंभ होगी  ! बुध की दशा में भी शाहरुख़ पैसा कमाएंगे परन्तु बुध की दशा उनके स्वास्थ्य के लिए अशुभ फल प्रदान करेगी ! उस समय में शाहरुख़ को अपने स्वास्थ्य के प्रति बहुत सचेत रहना पड़ेगा ! हो सकता है की उस दौरान उन्हें धुम्रपान हमेशा के लिए त्यागना पड़े !

लेखक

सुनील कुमार

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