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सूर्य चौथे भाव में

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यदि सूर्य कुंडली के चौथे भाव में स्थित हो तो व्यक्ति कठोर हृदयी होता है, उसे सदैव किसी न किसी बात की चिंता सताती रहती है, गुप्त विद्याओं का ज्ञानी हो सकता है, घमंडी और सबका विरोधी हो सकता है, परन्तु सूर्य शुभ और बलवान हो तो उच्च स्तर के वाहन का मालिक बना सकता है, यदि सूर्य शुभ स्थिति में ना हो तो जातक बाल्यकाल में दुखी रहता है, उसकी संगत भी अच्छी नहीं होती, ऐसा बालक मंद्बुधि तथा क्रूर स्वभाव का होता है !

नोट :- उपरोक्त लिखे गए सूर्य के बारह भावो के फल वैदिक ज्योतिष और शास्त्रों के आधार पर लिखे गए है ! कुंडली के बारह लग्नो के आधार पर सूर्य के भाव फल में विभिन्नता हो सकती है !

लेखक

ज्योतिषी सुनील कुमार

अगला अध्याय – सूर्य पाचवे भाव में 

पिछला अध्याय – सूर्य तीसरे भाव में 

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