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सूर्य बारहवे भाव में

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सूर्य यदि बारहवे भाव में स्थित हो तो जातक नेत्र रोग से परेशान रहता है, जातक अत्यधिक घमंडी तथा खर्चीला होता है! अत्यधिक धन खर्च करने की आदत की वजह से हमेशा धन का आभाव बना रहता है ! बारहवे भाव में सूर्य जातक को शयन सुख में कमी देता है ! पति अथवा पत्नी की पथभ्रष्ट की सम्भावना बनी रहती है ! जातक अपना जीवन विदेश में भी व्यतीत करता है अथवा यदि जातक जल्दी पैसा कमाने के लिए किसी गलत कार्य का सहारा अथवा गलत संगत में पड़ता है तो उसे राजदंड भी भोगना पड़ता है !

नोट :- उपरोक्त लिखे गए सूर्य के बारह भावो के फल वैदिक ज्योतिष और शास्त्रों के आधार पर लिखे गए है ! कुंडली के बारह लग्नो के आधार पर सूर्य के भाव फल में विभिन्नता हो सकती है !

लेखक

ज्योतिषी सुनील कुमार

अगला अध्याय – चंद्र प्रथम भाव में 

पिछला अध्याय – सूर्य ग्यारहवे भाव में 

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