हन्नी सिंह हिन्दुस्तान के सबसे धनी संगीतकार बन सकते है

2014/08/24

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हन्नी सिंह पंजाब के होशियार पुर में जन्मे एक साधारण से पंजाबी मुंडे है ! लेकिन उनकी संगीत की जबरजस्त जानकारी उन्हें साधारण से ख़ास बना देती है ! और यह बात मै नहीं कह रहा, यह बात इनकी कुंडली के शानदार गृह स्वयं अपने मुह से कह रहे है !

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मुझे हन्नी सिंह की कुंडली को बहुत गहराई से पढने की आवश्यकता नहीं है क्योकि इनकी कुंडली के गृह खुद बा खुद इनकी जीवन की कहानी को दर्शा रहे है ! इस कुंडली के अधिकतर गृह बेहतरीन स्थिति में बेहतरीन राज योगो का निर्माण कर रहे है ! यही कारण है की करोडो लोगो में से कुछ ही लोग इस मुकाम तक पहुचते है जहाँ तक आज हन्नी सिंह पहुचे है ! आइये आज हम इनकी कुंडली के ग्रहों की स्थिति और योगो को समझने की कोशिश करते है जिनके कारण आज हन्नी सिंह को इतनी शोहरत प्राप्त हुई ! सबसे पहले तो हम कुडली के पहले भाव यानी लग्न और लग्न के स्वामी बुध की स्थिति को जानने की कोशिश करेंगे ! वैदिक ज्योतिष के अनुसार बुध गृह संगीत, वाद्य यंत्र, गायकी, लेखन आदि विषयों का कारक गृह माना जाता है, और यदि किसी संगीत कार की कुंडली में बुध लग्न का स्वामी हो तो यह उस जातक के लिए एक वरदान सिद्ध होता है ! अब क्योकि लग्न के स्वामी बुध की स्थिति दसवे भाव में मीन राशी [ गुरु की राशी] में है तो यह एक संगीतकार की बेहतरीन योग्यता और इस संगीत की योग्यता को रोजगार का रूप प्रदान करता है ! क्योकि दसवे भाव का सम्बन्ध रोजगार से भी होता है ! इस भाव में बुध के साथ सूर्य की स्थिति से हन्नी सिंह की इस योग्यता का दुनिया भर में विस्तार होता है और उन्हें सूर्य जैसी शोहरत प्राप्त होती है ! और बुध और सूर्य का यह मेल एक राज योग का निर्माण करता है जिसे बुध आदित्य राज योग कहते है !

अब मै आपका ध्यान गुरु की तरफ खीचना चाहता हूँ, हन्नी सिंह की कुंडली में गुरु की स्थिति सप्तम भाव में स्वयं राशी में है ! जैसा की मै अपने पिछले कई लेखो में पंचमहापुरुष योगो का ज़िक्र कर चूका हूँ यह योग भी उनमे से एक है, इस योग को हमसा योग कहते है ! दोस्तों एक बात हमेशा याद रखना की जब भी कोई पंचमहापुरुष योग का निर्माण सप्तम भाव में होता है तो विवाह उपरान्त उस जातक की तरक्की अवश्य होती है और यह मेरा निजी अनुभव है ! जहाँ तक मैंने समाचारों में देखा और पढ़ा है की पहले तो हन्नी सिंह सबसे यह बात छुपाते रहे की वह शादी शुदा है लेकिन फिर बाद में उन्हें मानना पड़ा ! तो मेरे कहने का अर्थ यह भी है की शाहरुख़ खान की तरह हन्नी सिंह का भी विवाह उपरान्त भाग्य उदय हुआ और उनकी पत्नी उनके लिए अत्यधिक भाग्य शाली है, जैसे शाहरुख़ के लिए उनकी पत्नी गौरी बहुत भाग्य शाली है !

अब मै समय की कमी होने के कारण  सिर्फ एक और योग की बात करूँगा जिसका निर्माण हुआ उच्च के शनि की पंचम भाव में होने से ! मेरा यह अनुभव है यदि शनि आपकी कुंडली एक शुभ गृह है और वह स्वराशी या उच्च का होकर पंचम स्थान में है तो वह आपको आपके कार्य में उत्तीर्ण या कह लो की मास्टर बना देता है और क्योकि पांचवा भाव जनता से सम्बन्ध का भी है तो ज़ाहिर है की जनता भी आपको अत्यधिक पसंद करेगी चाहे आपके शत्रु आपको कितना भी बदनाम करने की कोशिश क्यों न करे !

और भी कई कारण इस कुंडली में मौजूद है लेकिन समय की कमी होने के कारण मै सभी कारणों पर दृष्टि नहीं डाल सकता लेकिन एक बात मै यहाँ अवश्य कहना चाहूँगा की अभी हन्नी सिंह की सूर्य की दशा वर्तमान में चल रही है और इस दशा के ख़त्म होने के बाद लगातार चन्द्र और भी मंगल की दशा १७ साल तक चलेंगी और इन दशाओ में हन्नी सिंह अत्यधिक धन कमाएंगे और यह भी हो सकता है की इस दौरान हन्नी सिंह हिन्दुस्तान के सबसे धनी संगीतकार बन जाये !

लेखक

सुनील कुमार

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