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छ्टे भाव में चन्द्र बलारिष्ठ योग का निर्माण करता है, इस योग के द्वारा जातक के जन्म लेते ही मृत्यु की सम्भावना होती है ! यदि बच भी जाये तो पूरा बचपन बिमारियों से लड़ने में निकलता है क्योकि शरीर में रोगों से लड़ने की शक्ति कम होती है ! छ्टे भाव में चन्द्र यदि पाप प्रभाव में हो तो जातक नेत्र, फेफड़ो और पेट के रोगों से परेशान होता है ! इस चन्द्र के प्रभाव से जातक अत्यधिक खर्चीले स्वभाव का भी होता है इसलिए उसे जीवन भर धन की कमी बनी रहती है ! यदि चन्द्र शुभ प्रभाव में हो तो जातक को चिकित्सा क्षेत्र में कामयाबी मिलती है !

नोट :- उपरोक्त लिखे गए सभी फल वैदिक ज्योतिष और शास्त्रों के आधार पर लिखे गए है ! सभी बारह लग्नो के आधार और अन्य ग्रहों की स्थति के आधार पर फल बदल सकते है !

लेखक ज्योतिषी सुनील कुमार

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