MOON IN TWELFTH HOUSE OF HOROSCOPE

चंद्र के प्रभाव कुंडली के बारहवे भाव में

वैदिक ज्योतिष के अनुसार चंद्र कुंडली के बारहवे भाव में क्या फल प्रदान करता है तथा उसके मानव जीवन पर क्या प्रभाव पड़ते है ?

यदि कुंडली के बारहवे भाव में चन्द्र हो तो जातक बचपन से ही नेत्र रोगी होता है ! जातक अत्यधिक क्रोधी और एकांत प्रिय होता है ! बारहवे भाव में चन्द्र यदि पाप प्रभाव में हो तो नेत्रों में अधिक कष्ट देता है, नेत्रों की ज्योति भी जा सकती है ! व्यक्ति ज्ञानी तो होता है परन्तु अपने ज्ञान का सभी उपयोग करने की क्षमता नहीं होती ! कई मामलो में जातक को अपने पिता का छोड़ा क़र्ज़ भी चुकाना पड़ता है, परन्तु जातक कंजूस परवर्ती का होता है वह धन बहुत सोच कर खर्च करता है !

नोट :- उपरोक्त लिखे गए सभी फल वैदिक ज्योतिष और शास्त्रों के आधार पर लिखे गए है ! सभी बारह लग्नो के आधार और अन्य ग्रहों की स्थति के आधार पर फल बदल सकते है !

ज्योतिषी सुनील कुमार

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