MERCURY IN TENTH HOUSE OF HOROSCOPE

बुध के प्रभाव कुंडली के दसवे भाव में

वैदिक ज्योतिष के अनुसार बुध कुंडली के दसवे भाव में क्या फल प्रदान करता है और जातक पर उसके क्या प्रभाव पड़ते है ?

दशम (पिता व कर्म भाव)- इस भाव में बुध हो तो जातक अपने माता-पिता का सम्मान करने वाला, भूमि मालिक, राज्य व समाज में सम्मान पाने वाला, सत्य व न्याय के मार्ग पर चलने वाला, लोकप्रिय व व्यवहार कुशल होता है। कवि, लेखक व व्यवसाय में लाभ प्रापत कर सकता है। ऐसे व्यक्ति की स्मरण शक्ति बहुत अच्छी होती है। बोलने में बहुत निपुण होता है। इस भाव में बुध जातक को ऐसे क्षेत्र में भेजता है जहाँ धन की भरमार होती है। बुध यदि बली व शुभ प्रभाव में हो तो जातक व्यवसाय करता है और सफल होता है। बुध यदि निर्बल हो तो किसी अच्छे व्यवसाय अथवा बैंक, कोषागार में नौकरी करवाता है। बुध यदि कन्या राशि में हो तो ऐसा व्यक्ति गणित व लेखन में अधिक निपुण होता है। इसी से वह धनोपार्जन करता है।

यहाँ पर बुध यदि अग्नि तत्व (मेष, सिंह व धनु) राशि में हो तो भी व्यक्ति गणित अथवा अभियंता वर्ग में उच्च पद प्राप्त करता है। निर्बल होने पर लिपिक से आगे नहीं बढ़ता है। वायु तत्व (मिथुन, तुला व कुंभ) राशि का बुध जातक को संचार विभाग, डाक अथवा यांत्रिकी में नौकरी करवाता है। बुध पृथ्वी तत्व (वृषभ, कन्या व मकर) राशि में हो तो जातक व्यवसाय अथवा उच्च स्तर का कमीशन एजेन्ट, ब्याज का व्यवसाय करता है। बुध यदि जल तत्व (कर्क, वृश्चिक व मीन) राशि में हो तो जातक कागज से सम्बन्धित कार्य करता है जिसमें प्रकाशन, मुद्रण, सम्पादन प्रमुख है।

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