Mars results in eleventh house of horoscope kundli according to Indian vedic astrology

मंगल के प्रभाव कुंडली के ग्यारहवे भाव में

वैदिक ज्योतिष के अनुसार मंगल कुंडली के ग्यारहवे भाव में क्या फल प्रदान करता है तथा इसके क्या प्रभाव मानव जीवन पर पड़ते है ?

यदि कुंडली के ग्यारहवे भाव में मंगल स्थित हो तो जातक क्रोधी, कटु भाषा का प्रयोग करने वाला , झगडालू किस्म का होता है, परन्तु वह हमेशा न्याय की बात करता है ! ग्यारहवे भाव में मंगल की स्थिति के कारण जातक आर्थिक रूप से सक्षम होता है ! ऐसे व्यक्ति को कई बार पैत्रिक संपत्ति से हाथ धोने पड़ता है ! यदि स्त्री कुंडली में मंगल ग्यारहवे भाव में हो तो गर्भपात का खतरा बना रहता है ! मंगल के अवरोध के कारण शिक्षा में भी अवरोध उत्पन्न होते है ! ग्यारहवे भाव का मंगल हाथ और मशीनरी के कार्य में सफलता देता है ! यदि जातक रिश्वत लेता है तो पकड़ा अवश्य जाता है और इसके लिए उसे समाज में अपमानित और जेल तक हो सकती है !

नोट :- उपरोक्त लिखे गए सभी फल वैदिक ज्योतिष और शास्त्रों के आधार पर लिखे गए है ! सभी बारह लग्नो के आधार और अन्य ग्रहों की स्थति के आधार पर फल बदल सकते है !

लेखक  ज्योतिषी सुनील कुमार

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