MARS IN FOURTH HOUSE OF HOROSCOPE

मंगल के प्रभाव कुंडली के चौथे भाव में

वैदिक ज्योतिष के अनुसार मंगल कुंडली के चौथे भाव में क्या फल प्रदान करता है तथा इसके क्या प्रभाव मानव जीवन पर पड़ते है ?

कुंडली के चौथे भाव में यदि मंगल स्थित हो तो जातक को माता सुख में कमी देता है ! व्यक्ति वाहन युक्त अवश्य ही होता है परन्तु इस योग के कारण जातक को हमेशा अग्नि भय रहता है ! चौथे भाव में मंगल वाले जातक को मै हमेशा एक अग्नि शामक यंत्र घर में रखने की सलाह देता हूँ ! ऐसा व्यक्ति कुछ झगडालू किस्म का अवश्य होता है इसी कारण उसे समाज में अपमान सहना पड़ता है, इसका कारण बचपन में बनी गलत संगतो के कारण होता है ! यदि किसी बच्चे की कुडली में मंगल चौथे भाव में स्थित हो तो उनके माता पिता को बच्चे की संगत पर विशेष ध्यान देना चाहिय, अन्यथा बच्चा बड़े होते होते गलत संगत में पड़ने के कारण गलत कार्यो में लिप्त हो जाता है !

नोट :- उपरोक्त लिखे गए सभी फल वैदिक ज्योतिष और शास्त्रों के आधार पर लिखे गए है ! सभी बारह लग्नो के आधार और अन्य ग्रहों की स्थति के आधार पर फल बदल सकते है !

लेखक  ज्योत्षी सुनील कुमार

Click here to read in english

Next मंगल पांचवे भाव में   

Precious मंगल तीसरे भाव में