Mars results in third house of horoscope kundli

मंगल के प्रभाव कुंडली के तीसरे भाव में

वैदिक ज्योतिष के अनुसार मंगल कुंडली के तीसरे भाव में क्या फल प्रदान करता है तथा इसके क्या प्रभाव मानव जीवन पर पड़ते है ?

मंगल यदि कुंडली के तीसरे भाव में स्थित हो तो व्यक्ति परकर्मी होता है, तथा अपने पराक्रम द्वारा आर्थिक उन्नति करता है ! परन्तु जातक को अपने भाइयो से विरोध मिलता है , जातक अपने भाइयों के लिए चाहे कुछ भी कर ले परन्तु जातक को इसका शुभ फल प्राप्त नहीं होता ! जमीन और जायजाद के कारण भाइयों में हमेशा विरोध रहता है ! तीसरे भाव में मंगल की अधिक अशुभता के कारण कई बार जातक को अपने भाइयों के कारण न्यायलय की शरण में भी जाना पड़ता है ! जातक को दुर्घटना अथवा किसी बीमारी के कारण दायें हाथ में परेशानी रह सकती है ! जातक को हमेशा वाहन चलाने में सावधानी बरतनी चाहिए क्योकि तीसरे भाव में मंगल छोटी यात्रा अथवा वाहन द्वारा दुर्घटना का कारण बन सकता है !

नोट :- उपरोक्त लिखे गए सभी फल वैदिक ज्योतिष और शास्त्रों के आधार पर लिखे गए है ! सभी बारह लग्नो के आधार और अन्य ग्रहों की स्थति के आधार पर फल बदल सकते है !

लेखक ज्योतिषी  सुनील कुमार

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