MARS IN FIRST HOUSE OF HOROSCOPE

मंगल के प्रभाव कुंडली के पहले भाव में

वैदिक ज्योतिष के अनुसार मंगल कुंडली के पहले भाव में क्या फल प्रदान करता है तथा इसके क्या प्रभाव मानव जीवन पर पड़ते है ?

यदि मंगल कुंडली के पहले भाव में स्थित हो तो व्यक्ति परकर्मी होता है, स्वभाव से उग्र,कठोर और साहसी भी होता है ! किसी भी कार्य को सोच विचार कर नहीं करता ! पहले भाव में मंगल की स्थिति के कारण जातक को सर पर चोट लगने का खतरा बना रहता है अथवा बचपन में लगी चोट का निशान अवश्य ही होता है ! यदि सूर्य का प्रभाव हो तो आग से चेहरा झुलसने का खतरा बना रहता है ! परन्तु ये परिणाम मंगल के बुरे प्रभाव से ही संभव होते है! इसे व्यक्ति को व्यापार में सफलता कई मुश्किलों के बाद ही प्राप्त होती है , क्योकि ऐसा व्यक्ति हमेशा कई व्यापार एक साथ करने की कोशिश करता है , परन्तु ३५ वर्ष की आयु के बाद अवश्य ही जातक की किस्मत साथ देती है !

ऊपर लिखे गए मंगल के फल वैदिक ज्योतिष के आधार पर लिखे गए है और गृह की शुभता और अशुभता के आधार पर फल में विविधता हो सकती है !

ज्योतिषी सुनील कुमार

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