मंगल बारहवे भाव में

Click here to read in english

यदि मंगल कुंडली के बारहवे भाव में स्थित हो तो जातक मुर्ख, उग्र और झगडालू किस्म का होता है ! नेत्र रोगी और अत्यंत खर्चीले किस्म का होता है ! बारहवे भाव में मंगल की स्थिति के कारण मांगलिक दोष का निर्माण होता जिसके फलस्वरूप जातक को जीवन साथी का वियोग सहना पड़ता है ! जातक अत्यंत कामुक होने के कारण उसका मन जीवन साथी के अतिरिक्त बाहर सम्बन्ध बनाने के लिए करता रहता है ! यदि किसी स्त्री कुंडली के बारहवे भाव में मंगल स्थित हो तो उसे शल्य चिकित्सा द्वारा गर्भाशय निकलवाने का खतरा होता है ! यदि किसी अपराधी की कुंडली में मगल बारहवे भाव में हो तो अवश्य ही कारावास भोगना पड़ता है, इस मंगल के अशुभ प्रभाव के कारण अपराधी किस्म के लोग बलात्कार करने से भी पीछे नहीं हटते !

नोट :- उपरोक्त लिखे गए सभी फल वैदिक ज्योतिष और शास्त्रों के आधार पर लिखे गए है ! सभी बारह लग्नो के आधार और अन्य ग्रहों की स्थति के आधार पर फल बदल सकते है !

लेखक  ज्योतिषी सुनील कुमार

Next  बुध पहले भाव में 

Precious मंगल ग्यारहवे भाव में 

 

Vedic Astrologer & Vastu Expert