MARS IN SEVENTH HOUSE OF HOROSCOPE

मंगल के प्रभाव कुंडली के सातवे भाव में

वैदिक ज्योतिष के अनुसार मंगल कुंडली के सातवे भाव में क्या फल प्रदान करता है तथा इसके क्या प्रभाव मानव जीवन पर पड़ते है ?

यदि कुंडली के सातवे भाव में मंगल स्थित हो तो विशेषकर विवाह और पति या पत्नी के लिए अशुभ फलदायी होता है ! सातवे भाव का मंगल मांगलिक दोष का भी निर्माण करता है जिसके चलते विवाह में और वैवाहिक जीवन में अनेक प्रकार की परेशानिया उत्पन्न होती है ! जिस जातक की कुंडली के सातवे भाव में मंगल हो वह जातक कुछ धूर्त किस्म का सभी से झूठ बोलने वाला और वाट रोग से पीड़ित रहता है ! स्वयं अपने धन का नाश करता है और बाद में पछताता है ! यदि मंगल अधिक अशुभ स्थिति में हो तो तलाक योग का निर्माण करता है ! सूर्य के सम्बन्ध से तलाक अवश्य होता है ! ऐसा व्यक्ति बिजली से चलने वाले उपकरण अथवा प्रिंटिंग के काम में सफल रहता है !

नोट :- उपरोक्त लिखे गए सभी फल वैदिक ज्योतिष और शास्त्रों के आधार पर लिखे गए है ! सभी बारह लग्नो के आधार और अन्य ग्रहों की स्थति के आधार पर फल बदल सकते है !

लेखक

ज्योतिषी सुनील कुमार

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