मुझे नौकरी कब मिलेगी

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आज कल लोग अच्छी नोकरियों की कमी के चलते बहुत परेशान है, अपना पूरा बचपन और जवानी एक अच्छे भविष्य की चाहत में पढ़ाई में कुर्बान कर देने से भी अच्छी नौकरी प्राप्त नहीं होती, कई बार कम पढ़े लिखे और कम काबिलियत के दावेदारों को भी बेहतरीन नौकरी की प्राप्ति हो जाती है और वे अपना जीवन पूर्ण खुशहाली से व्यतीत करते है ! आखिर ऐसा क्यों होता है ? क्यों जीवन भर मेहनत करने के बावजूद अच्छे परिणाम अथवा मन चाहा फल प्राप्त नहीं होता, क्या कोई विशेष कारण है इन सब समस्याओं के पीछे ? यदि हम वैदिक ज्योतिष के माध्यम से देखे तो अवश्य ही हमें इन समस्याओं के कारण तथा निवारण का पता चलता है ! आज मैं आपको मेरे इस लेख के माध्यम से यह बताने की कोशिश करूँगा की अच्छी काबिलियत होने के बावजूद क्यों आप अच्छी नौकरी प्राप्त नहीं कर सकते और यदि आप नौकरी की तलाश में है तो आपको नौकरी कब मिल सकती है !

सबसे पहले तो हम यह जानेंगे की कोशिश करेंगे की हमारी कुंडली के गृह किस प्रकार कार्य करते है, मै अपने पिछले कई लेखो में आपको यह बता चूका हु की यदि किसी के जीवन में सही उम्र में किसी अच्छे गृह की महादशा आ जाये तो उस उम्र के दौरान वह दशा उस व्यक्ति को जीवन के सभी सुख की प्राप्ति करवाती है ! मेरे कहने का तात्पर्य यह है की यदि नौकरी की तलाश के समय में किसी शुभ गृह की दशा चल रही हो तो एक अच्छी नौकरी और उच्च पद की प्राप्ति होती है, चाहे आपकी काबिलियत या अनुभव कम ही क्यों न हो ! और यदि २० से ४० की उम्र के दौरान किसी अशुभ गृह की दशा चल रही हो तो अच्छे अनुभव और काबिलियत होने के बावजूद अच्छे परिणाम प्राप्त नहीं होती अथवा मिलने वाली नौकरी से जातक खुश नहीं होता ! तो क्या ज्योतिष में इन समस्याओं का कोई निवारण मौजूद है ? जी हा यदि आप सही समय पर अपनी कुंडली का निरिक्षण करवा कर अशुभ गृह से सम्बंधित उपाय और शुभ ग्रहों से सम्बंधित रत्नों को धारण करे तो अवश्य ही आपके जीवन में समस्याओं में कमी और बेहतर जीवन की प्राप्ति होगी !

आईये अब हम ये जानने की कोशिश करते है की कौन से ऐसे गृह और भाव आपकी कुंडली में मौजूद है जिनकी दशाओं में आप एक अच्छी नौकरी की प्राप्ति तथा उच्च पद को प्राप्त कर सकते है ! सबसे पहले हम कुंडली के पहले भाव अतार्थ लग्न और लग्न के स्वामी गृह को देखेंगे ! यदि लग्न में शुभ ग्रहों की स्थिति और लग्न का स्वामी एक शुभ भाव में स्थापित हो तो वह अपनी दशा में जातक को उच्च पद तक पंहुचा सकता है, परन्तु शर्त यह है की उस गृह की दशा आपकी मध्यम उम्र में आनी चाहिए, यदि ये दशा आपके बुढ़ापे में आयगी को ज्यादा फायदा नहीं दे पायगी! कुंडली का पहला, दूसरा, चौथा, सातवा, नौवा, दसवा, ग्यारहवा घर तथा इन घरों के स्वामी अपने कार्य काल में जातक को कामयाबी प्रदान करते है ! कुछ ज्योतिषी छटवे भाव या इसके स्वामी को स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं मानते, और यह बात सत्य भी है परन्तु और भी कई परिस्थियों के आधार पर ही हम ऐसा कह सकते है अन्यथा मेरे अनुभव में छठा भाव तथा इसका स्वामी गृह अपनी दशा में आपको एक उच्च पद का अधिकारी बना सकता है क्योकि छठा भाव और इसका स्वामी जातक के नौकरी पेशा से सम्बन्ध रखता है!

दसवा और ग्यारहवा भाव तथा इनके स्वामी ग्रहों का भी हमारी तरक्की से गहरा सम्बन्ध होता है! क्योकि दसवा भाव हमारे रोजगार से और ग्यारहवा भाव हमारी आय से सम्बन्ध रखता है ! अब यदि इन भावो में शुभ ग्रहों की स्थिति और इन भावो के स्वामी शुभ स्थिति में हो और इन ग्रहों की दशा आपकी मध्यम उम्र में आ जाये तो आप एक बेहतरीन जीवन शैली, नौकरी और उच्च पद के अधिकारी बन सकते है और एक अच्छी आय कमा सकते है !

लेखक

सुनील कुमार

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