SUN IN ELEVENTH HOUSE OF HOROSCOPE

सूर्य के प्रभाव कुंडली के ग्याहरवे भाव में

वैदिक ज्योतिष के अनुसार सूर्य कुंडली के ग्याहरवे भाव में क्या फल प्रदान करता है तथा उसके मानव जीवन पर क्या प्रभाव पड़ते है ?

सूर्य यदि कुंडली के ग्याहरवे भाव में स्थित हो तो जातक को कुछ कष्ट अवश्य देता है हैं! इसमें संतान का कष्ट का भय हमेशा लगा रहता है ! ग्यारहवे भाव में सूर्य यदि बलि या उच्च स्थिति में हो तो जातक की संतान के लिए कष्टकारी होता है संतान में विलम्ब , गर्भपात अथवा संतान हो तो हमेशा बीमार रहती है ! यदि सूर्य निर्बल हो तो जातक को संतान और सम्पति दोनों का सुख प्राप्त होता है ! ग्यारहवे भाव में सूर्य जातक को शक्तिशाली, स्वाभिमानी और अच्छे चरित्र वाला बनाता है ! यह सूर्य जातक को न्याय क्षेत्र मे सफल बनाता है परन्तु बड़े भाई के सुख में कमी करता है !

नोट :- उपरोक्त लिखे गए सूर्य के बारह भावो के फल वैदिक ज्योतिष और शास्त्रों के आधार पर लिखे गए है ! कुंडली के बारह लग्नो के आधार पर सूर्य के भाव फल में विभिन्नता हो सकती है !

लेखक

ज्योतिषी सुनील कुमार

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