sun-in-tenth-house

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सूर्य यदि कुंडली के दसवे भाव में स्थित हो तो जातक को राज्य से सम्मान तथा लाभ प्राप्त करवाता है ! जातक ऐश्वर्यशाली और प्रतापी होता है ! दसवे भाव का सूर्य क़ानूनी और चिकित्सीय क्षेत्र में लाभ देता है, जातक डाक्टर अथवा न्यायधीश, वकील अथवा राजनीतिग्य बन सकता है, परन्तु इसके लिए कुंडली के अन्य ग्रहों की अनुकूलता भी आवश्यक है ! इस सूर्य के प्रभाव से व्यक्ति शुरुवात में तरक्की अवश्य प्राप्त करता है परन्तु अंत समय में वह अपना सब सुख खो बैठता है !

नोट :- उपरोक्त लिखे गए सूर्य के बारह भावो के फल वैदिक ज्योतिष और शास्त्रों के आधार पर लिखे गए है ! कुंडली के बारह लग्नो के आधार पर सूर्य के भाव फल में विभिन्नता हो सकती है !

लेखक

ज्योतिषी सुनील कुमार

अगला अध्याय – सूर्य ग्यारहवे भाव में 

पिछला अध्याय – सूर्य नवम भाव में

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