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यदि सूर्य सातवे भाव में स्थित हो तो जातक उच्च शिक्षा प्राप्त करता है, वह एक सफल व्यापारी अथवा सफल राजनीतिग्य हो सकता है ! परन्तु यह सूर्य वैवाहिक जीवन में कलह अथवा तलाक दे सकता है ! इस सूर्य के अशुभ प्रभावों से जातक पेट के रोगों से ग्रसित रहता है ! जातक के पति या पत्नी का स्वभाव अत्यधिक घमंडी हो सकता है तथा इसके चलते दोनों का आपस में मतभेद रहता है ! जातक को विवाह का सुख भी कम प्राप्त होता है ! ऐसा जातक किसी के अधीन रहकर कार्य या व्यापर करना पसंद नहीं करता !

नोट :- उपरोक्त लिखे गए सूर्य के बारह भावो के फल वैदिक ज्योतिष और शास्त्रों के आधार पर लिखे गए है ! कुंडली के बारह लग्नो के आधार पर सूर्य के भाव फल में विभिन्नता हो सकती है !

लेखक

ज्योतिषी सुनील कुमार

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