Category: केतु के भाव फल

केतु कुंडली के विभिन्न भावों में क्या फल प्रदान करता है।

केतु बारहवे भाव में

केतु द्वादश भाव में | केतु बारहवें घर में | ASK

केतु बारहवें भाव में जातक को मिले जुले फल प्रदान करता है। जिसमें जातक चंचल परन्तु चतुर बुद्धि, धूर्त प्रवृत्ति का होता है। यदि केतु अशुभ प्रभाव में हो तो जातक जनता को भूत-प्रेत...

केतु ग्यारहवे भाव में

केतु एकादश भाव में

केतु एकादश भाव में यदि बुरे प्रभाव देता है तो जातक बुद्धिहीन होता है, यह जातक हमेशा ऐसे काम करता है जिसके द्वारा उसे खुद ही नुक्सान झेलना पड़ता है। केतु ग्यारहवें भाव में...

केतु दसवे भाव में

केतु दशम भाव में

केतु दसवें भाव में जातक को भाग्यहीन बनाता है। विशेषकर दशम भाव में केतु स्थित होने पर जातक को आजीविका कमाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जातक को कई बार नौकरी पेशा...

केतु नौवे भाव में

केतु नवम भाव में

केतू नवम भाव में होने से जातक सुख प्राप्ति तथा भोग विलास का अत्यधिक इच्छुक होता है। वह धर्म में कम रुचि रखता है परन्तु जीवन में तीर्थ यात्रा अवश्य करता है। नवम भाव...

केतु आठवे भाव में

केतु अष्टम भाव में

अष्टम (मारक भाव)यहां पर केतू के प्रभाव से जातक पापबुद्धि, चालाक, विपरीत लिंग से द्वेष रखने वाला तथा नीच लोगों में प्रसन्‍नता अनुभव करने वाला होता है। ऐसे जातक के दिल में बहुत गन्दगी...

केतु सातवे भाव में

केतु सप्तम भाव में

सप्तम (जीवनसाथी भाव)इस भाव में केतू वृश्चिक राशि में तो थोड़े-बहुतत शुभ फल तथा अन्य राशि में तो बहुत ही अशुभ फल देता है जिसमें जातक मूर्ख, मन्दबुद्धि, डरपोक, सुख से दूर, अपने वैवाहिक...