चंद्र के प्रभाव कुंडली के पहले भाव में

What are effects of planet Moon when placed in first house of horoscope and what remedies should be done ?

यदि चन्द्र पहले भाव में स्थित हो तो जातक ऐश्वर्यशाली और भोग प्रिय होता है ! संगीत का शोखीन और सफल व्यापारी होता है ! जातक को अधिक घुमने फिरने की आदत होती है ! जातक स्वभाव से मिलनसार और दयालु होता है, इसी कारण वह समाज में काफी ख्याति प्राप्त करता है ! परन्तु… Continue reading चंद्र के प्रभाव कुंडली के पहले भाव में

चंद्र के प्रभाव कुंडली के दूसरे भाव में

Moon results in second house of horoscope kundli according to Indian vedic astrology

दुसरे भाव में चन्द्र स्थित होने से जातक सम्पत्तिवान होता है, सभी से मीठा बोलकर सभी का दिल जितने वाला होता है ! जातक परदेस वास भी करता है ! यदि चन्द्र बुरे प्रभाव में हो तो व्यवसाय में हानि होती है ! स्त्री सम्बन्धी अथवा स्त्री के सहयोग से व्यवसाय अच्छा चलता है !… Continue reading चंद्र के प्रभाव कुंडली के दूसरे भाव में

चंद्र के प्रभाव कुंडली के तीसरे भाव में

What are effects of planet Moon when placed in third house of horoscope and what remedies should be done ?

यदि कुंडली के तीसरे भाव में चन्द्र हो तो जातक अत्यधिक मददगार होता है, वह जीवन भर अपने भाई बहनों की मदद करता है परन्तु जब उसे जरुरत होती है तो कोई उसकी मदद नहीं करता, तीसरे भाव में चन्द्र यदि शुभ स्थिति में न हो तो जातक बार बार व्यवसाय बदलता रहता है, यह… Continue reading चंद्र के प्रभाव कुंडली के तीसरे भाव में

चंद्र के प्रभाव कुंडली के चौथे भाव में

Moon results in fourth house of horoscope kundli according to Indian vedic astrology

काल पुरुष की कुंडली में चौथा भाव चन्द्र का घर होता है ! चौथे भाव में चन्द्र के विशेष शुभ फल प्राप्त होते है ! जातक को माँ की संपत्ति प्राप्त होती है, जातक का पिता से ज्यादा माँ के साथ लगाव होता है ! जातक अपने परिश्रम से धन अर्जित करता है ! चौथे… Continue reading चंद्र के प्रभाव कुंडली के चौथे भाव में

चंद्र के प्रभाव कुंडली के पाचवे भाव में

What are effects of planet Moon when placed in fifth house of horoscope and what remedies should be done ?

यदि कुंडली के पाचवे भाव में चन्द्र स्थित हो व्यक्ति अत्यधिक परिश्रमी होता है, परन्तु उसे जीवन में परिश्रम का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता ! पाचवे भाव में चन्द्र कन्या संतान अधिक देता है और यदि चन्द्र किसी पापी गृह से पीड़ित हो तो कन्या संतान अपंग भी हो सकती है ! किसी शुभ… Continue reading चंद्र के प्रभाव कुंडली के पाचवे भाव में