मंगल सातवे भाव में

यदि कुंडली के सातवे भाव में मंगल स्थित हो तो विशेषकर विवाह और पति या पत्नी के लिए अशुभ फलदायी होता है ! सातवे भाव का मंगल मांगलिक दोष का भी निर्माण करता है जिसके चलते विवाह में और वैवाहिक जीवन में अनेक प्रकार की परेशानिया उत्पन्न होती है ! जिस जातक की कुंडली के […]

मंगल छटे भाव में

मंगल यदि कुंडली के छ्टे भाव में स्थित हो तो यह जातक को अच्छे फल देता है ! व्यक्ति का कद और शारीरिक क्षमता अच्छी होती है इसीलिए छ्टे भाव में स्थित मंगल के कारण जातक, पुलिस और सेना में जाता है ! परन्तु यदि किसी पाप ग्रेह का प्रभाव हो तो ऐसा व्यक्ति गुंडा […]

मंगल पाचवे भाव में

यदि मंगल कुंडली के पांचवे भाव में स्थित हो तो ये जातक की संतान के लिए अशुभ कारी होता है ! कुंडली का पांचवा भाव विशेष कर जातक की विद्या और संतान से सम्बंधित होता है, इस स्थान पर किसी भी पाप गृह का प्रभाव हो तो जातक को पढ़ाई और संतान सम्बन्धी कठिनाइयों का […]

मंगल चौथे भाव में

कुंडली के चौथे भाव में यदि मंगल स्थित हो तो जातक को माता सुख में कमी देता है ! व्यक्ति वाहन युक्त अवश्य ही होता है परन्तु इस योग के कारण जातक को हमेशा अग्नि भय रहता है ! चौथे भाव में मंगल वाले जातक को मै हमेशा एक अग्नि शामक यंत्र घर में रखने […]

मंगल तीसरे भाव में

मंगल यदि कुंडली के तीसरे भाव में स्थित हो तो व्यक्ति परकर्मी होता है, तथा अपने पराक्रम द्वारा आर्थिक उन्नति करता है ! परन्तु जातक को अपने भाइयो से विरोध मिलता है , जातक अपने भाइयों के लिए चाहे कुछ भी कर ले परन्तु जातक को इसका शुभ फल प्राप्त नहीं होता ! जमीन और […]

मंगल दूसरे भाव में

यदि द्वितीय भाव में मंगल हो तो जातक कटुभाषी होता है। कुंडली का दूसरा भाव हमारी भाषा का होता है, मंगल एक क्रूर ग्रह होता है तथा द्वितीय भाव में मंगल भाषा को अति कठोर बना देता है। ऐसा व्यक्ति बिना सोचे समझे किसी को भी कुछ भी बोल देता है। द्वितीय स्थान मे मंगल […]