शनि सातवे भाव में

SATURN IN SEVENTH HOUSE OF HOROSCOPE

सप्तम भाव (जीवनसाथी भाव) कुंडली का सातवा भाव शनि की दिशा [ पश्चिम दिशा ] को दर्शाता है, इसलिये शनि को यहाँ दिग्बल प्राप्त होता है। इस भाव के शनि के प्रभाव से जातक बहुत आलसी और बेकार में भटकने वाला होता है ! उसके जीवन में सुख व धन की कमी होती हैजातक काफी … Read more

शनि छटे भाव में

Saturn in sixth house of horoscope - results and effects

छठा भाव (शत्रु व रोग भाव)- कुंडली के छटे भाव में यदि शनि के साथ लग्नेश भी शुभ प्रभाव में हो तो जातक अत्यधिक धनवान व समस्त प्रकार के वैभव से युक्त होता है।ऐसा जातक डेयरी के व्यवसाय में सफल रहता है, इस व्यवसाय के माध्यम से जातक अपने जीवन व समाज में सभी प्रकार … Read more

शनि पाचवे भाव में

शनि कुंडली के पाचवे भाव में क्या फल प्रदान करता है ?

पंचम (संतान व विद्या भाव)- शनि जब कुंडली के पाचवे स्थान में स्थित हो तो शनि की कारक वस्तुओं के क्षेत्र में सफलता मिल सकती है परन्तु शिक्षा की गारन्टी नहीं है। जातक सभी पर सन्देह करता है, सभी की पीठ के पीछे बुराई करना इसका मुख्य गुण होता है। जातक विद्वान हो सकता है। … Read more

शनि पहले भाव में

Saturn in first house of horoscope

प्रथम भाव- शनि जब कुंडली के प्रथम भाव में होता है तो जातक को कुरूप, अभिमानी, आलसी, बुरे विचार वाला होता है, बाल्यावस्था में पीड़ित में अधिकतर पीड़ित रहता है तथा स्वार्थी, एकान्तवासी, सदैव दूसरों का अहित सोचने वाला और धर्म के क्षेत्र में भी अलग विचार रखता है। शनि यदि वायु तत्व (मिथुन, तुला … Read more

शनि दूसरे भाव में

saturn in second house of horoscope

द्वितीय (धन भाव)- कुंडली के दूसरे भाव में शनि अच्छे फल नहीं देता। परन्तु ऐसा जातक अपने जीवन में कई बार आर्थिक व सामाजिक समस्याओं का सामना करता है , समाज से विरक्त रहता है तथा जातक अपने घमण्डी स्वभाव के कारण व्यवसाय में भी असफल रहता है। तथा उचित अवसर खो देता है ! … Read more