शुक्र के प्रभाव कुंडली के बारहवे भाव में

Venus result in twelfth house of the horoscope, kundli according Indian vedic astrology

द्वादश (व्यय भाव)- इस भाव में शुक्र के अन्य ग्रहों की अपेक्षा अधिक शुभ फल प्राप्त होते हैं। इस भाव में भी शुक्र के शुभ फल का मुख्य कारण यह होता है कि जैसा ज्योतिष का नियम है कि जो भी ग्रह व्यय भाव अर्थात् इस भाव में बैठेगा तो वह अपने कारक फल का… Continue reading शुक्र के प्रभाव कुंडली के बारहवे भाव में

शुक्र के प्रभाव कुंडली के ग्यारहवे भाव में

Venus result in eleventh house of the horoscope, kundli according India vedic astrology

एकादश (आय भाव)- इस भाव में शुक्र शुभ फल अधिक देता है जो आर्थिक क्षेत्र में अधिक शुभ हो जाते हैं। जातक भाग्यवान, स्थिर लक्ष्मी का स्वामी, रत्नों व सफेद वस्तुओं से लाभ प्राप्त करने वाला, विलासी प्रवृत्ति, वाहनसुखी, गुणवान, ज्ञानवान, संगीत व फिल्मों का शौकीन व पुत्र सन्तति से युक्त होता है। ऐसे जातक… Continue reading शुक्र के प्रभाव कुंडली के ग्यारहवे भाव में

शुक्र के प्रभाव कुंडली के दसवे भाव में

Venus effects and results in tenth house of the horoscope and kundli according Indian vedic astrology

दशम (पिता व कर्म भाव)- इस भाव में शुक्र जातक को विलासी प्रवृत्ति का, राज्यमान, सुखी, ऐश्वर्यशाली, सभी के साथ न्याय करने वाला तथा गीत-संगीत व ज्योतिष में रुचि रखने वाला होता है। इस भाव का शुक्र जातक को राज्य में सम्मान अथवा कोइ्र पद के साथ पुरस्कार भी दिलवाता है। जातक विपरीत लिंग से… Continue reading शुक्र के प्रभाव कुंडली के दसवे भाव में

शुक्र के प्रभाव कुंडली के नौवे भाव में

Venus effects and result in ninth house of the horoscope and kundli according Indian vedic astrology

नवम (धर्म व भाग् भाव)- इस भाव में शुक्र के प्रभाव से जातक दयालु प्रवृत्ति का, तपस्वी, ईश्वर पर विश्वास, गृह सुखी, राज्य में सम्मान प्राप्त, गुणवान तथा कई तीर्थयात्रा तथा लम्बी विदेश यात्रा करने वाला होता है। विदेशों में कलात्मक अथवा साहित्यिक क्षेत्र में सफलता प्राप्त करता है। ऐसे जातक का विवाह परदेसवासी से… Continue reading शुक्र के प्रभाव कुंडली के नौवे भाव में

शुक्र के प्रभाव कुंडली के आठवे भाव में

Venus effects and result in eighth house of the horoscope and kundli according to Indian vedic astrology

यदि शुक्र अष्टम भाव में स्थित हो तो जातक विदेश में निवास करता है, अष्टम भाव में शुक्र यदि अशुभ प्रभाव में हो तो जातक गुप्त रोगी होता है और उसके कई अवैध सम्बन्ध भी हो सकते है ! जातक माता को कष्ट अवश्य देता है अधिक काम वासना होने के कारण अपने से बड़ी… Continue reading शुक्र के प्रभाव कुंडली के आठवे भाव में