गुरु कुंडली के बारहवें भाव में

Jupiter results in twelfth house of horoscope according to Indian astrology

द्वादश (व्यय भाव)- इस भाव में गुरु के अशुभ फल ही मिलते हैं। वैसे भी यह व्यय भाव कहलाता है। इस भाव में गुरु के प्रभाव से जातक समाज में अपमानित होता है। संतानहीन, दुष्कर्मों में लिप्त, आलसी, निम्न स्तर की नौकरी करने वाला होता है। इस योग में यदि चतुर्थ भाव एवं चन्द्र दोनों… Continue reading गुरु कुंडली के बारहवें भाव में

गुरु कुंडली के ग्यारहवे भाव में

results of jupiter in eleventh house of horoscope according to Indian vedic astrology

एकादश (आय भाव)- इस भाव में गुरु कारकत्व दोष से पीड़ित रहता है, क्योंकि गुरु इस भाव का कारक हे, इसीलिये ज्योतिष ग्रन्थों की यह युक्ति यहाँ गलत सिद्ध होती है कि लाभस्थाने ग्रहाःसर्वे बहुलाभप्रदाः अर्थात् एकादश (लाभ) भाव में सभी ग्रह शुभ फल प्रदान करते हैं। मैंने अपने शोध में पाया है कि यदि… Continue reading गुरु कुंडली के ग्यारहवे भाव में

गुरु के प्रभाव कुंडली के दसवे भाव में

Results of Jupiter in tenth house of horoscope according to vedic astrology science by astrologer sunil kumar.

दशम (पिता व कर्म भाव)- यहाँ भी नैसर्गिक रूप से केन्द्राधिपति दोष से दूषित रहता है परन्तु यदि गुरु की सेवा की जाये अथवा आवश्यकता होने पर रत्न धारण किया जाये तो जातक अवश्य ही धनवान, राज्य में सम्मान प्राप्त करने वाला, अच्छे चरित्र का तथा अपने साथ पिता के नाम को भी यश देता… Continue reading गुरु के प्रभाव कुंडली के दसवे भाव में

गुरु के प्रभाव कुंडली के नौवे भाव में

Results of Jupiter in ninth house of horoscope according to Indian Vedic Astrology, By Astrologer Sunil Kumar

नवम (धर्म व भाग्य भाव)- इस भाव में गुरु के शुभ फल अधिक प्राप्त होते हैं। जातक बुद्धिमान व उदार होता है। समाज के साथ राज्य में भी सम्मान प्राप्त करता है। वेदों को जानने वाला तथा अपने धर्म के प्रति बहुत रुचि होती है। अपने धार्मिक कार्यों से बहुत जाना जाता है। आर्थिक रूप… Continue reading गुरु के प्रभाव कुंडली के नौवे भाव में

गुरु के प्रभाव कुंडली के आठवे भाव में

Results of Jupiter in eight house of horoscope according to Indian vedic astrology

अष्टम (मारक भाव)- इस भाव के गुरु के अशुभ फल ही अधिक प्राप्त होते हैं। ऐसा जातक आयु के मामले में ही भाग्यशाली होता है अन्यथा अन्य क्षेत्र में तो उसे अशुभ फल ही प्रापत होते हैं। वह यह सोचने लगता है कि ऐसी आयु भी किस काम की कि जीवन में इतने कष्ट हैं।… Continue reading गुरु के प्रभाव कुंडली के आठवे भाव में