जन्मकुंडली का चौथा भाव सुख, माता, घर-परिवार, संपत्ति, वाहन, मानसिक शांति, जमीन-जायदाद और जीवन की नींव का प्रतिनिधित्व करता है। जब सूर्य इस भाव में स्थित होता है, तो व्यक्ति के पारिवारिक जीवन, मानसिक स्थिरता और संपत्ति से जुड़े मामलों पर इसका गहरा प्रभाव पड़ता है। चौथा भाव चंद्रमा का क्षेत्र माना गया है और सूर्य अग्नि तत्व का ग्रह है, इसलिए इन दोनों की ऊर्जा मिलकर जीवन में मिश्रित परिणाम देती है।

घरेलू जीवन और माता से संबंध

चौथे भाव में सूर्य की स्थिति व्यक्ति को घर में सम्मान और अधिकार देती है, लेकिन कभी-कभी माता से संबंधों में दूरी, मतभेद या परिस्थितिजन्य तनाव भी दिखाई दे सकता है।
यदि सूर्य मजबूत और शुभ प्रभाव में हो, तो माता का स्वास्थ्य अच्छा रहता है और वह व्यक्ति को प्रेरणा व सहयोग देती हैं।
यदि सूर्य कमजोर हो या राहु, शनि, केतु आदि ग्रह प्रभावित करें, तो माता के स्वास्थ्य या संबंधों में चुनौतियाँ आ सकती हैं।

संपत्ति, भूमि और वाहन

चौथे भाव में सूर्य सामान्यतः भूमि, भवन और संपत्ति दिलाने में सहायक होता है। व्यक्ति को अपने प्रयासों से घर, जमीन या वाहन प्राप्त करने का योग मिलता है।
हालाँकि चर राशियों में सूर्य होने पर संपत्ति खरीद में देरी या कई बार स्थान परिवर्तन भी देखने को मिल सकता है।
यदि सूर्य शुभ हो, तो जातक अपने घर को भव्य और सम्मानजनक रूप देने का प्रयास करता है।

मानसिक शांति और भावनाएँ

सूर्य अग्नि ग्रह है और चौथा भाव मन का घर है, इसलिए जातक के भीतर एक तेजस्वी, सक्रिय और कभी-कभी बेचैन मन देखा जाता है।
ऐसे लोग शांत बैठने की बजाय सक्रिय रहना अधिक पसंद करते हैं।
सूर्य शुभ होने पर आत्मविश्वास और मानसिक दृढ़ता बढ़ती है, लेकिन अशुभ होने पर चिड़चिड़ापन, बेचैनी या भावनात्मक उतार-चढ़ाव आ सकते हैं।

शिक्षा और ज्ञान

चौथा भाव प्राथमिक और उच्च शिक्षा का भी प्रतिनिधि है। सूर्य की यहाँ उपस्थिति व्यक्ति को प्रतिष्ठित शिक्षा दिला सकती है और वह पढ़ाई में नेतृत्व क्षमता दिखाता है।
ऐसे जातक प्रशासन, राजनीति, प्रबंधन, रियल एस्टेट, सुरक्षा सेवाओं या सरकारी क्षेत्रों में शिक्षा लेकर आगे बढ़ सकते हैं।

करियर और प्रोफेशनल सफलता

भले ही चौथा भाव घर और मन का प्रतिनिधि है, लेकिन सूर्य यहाँ होने से व्यक्ति के करियर में भी अच्छा प्रभाव पड़ता है। ऐसा व्यक्ति
सरकारी पदों
प्रबंधन
पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन
रियल एस्टेट
कृषि
शिक्षण
राजनीति
गृह-निर्माण
सुरक्षा सेवाओं
में सफलता पा सकता है।
ऐसे लोग अपने करियर में ऊँचे पद पर रहने की इच्छा रखते हैं और सामाजिक प्रतिष्ठा पाना चाहेते हैं।

पिता से संबंध और पारिवारिक सम्मान

चौथे भाव का सूर्य व्यक्ति को पारिवारिक प्रतिष्ठा दिलाता है। लोग उसके परिवार को सम्मान की दृष्टि से देखते हैं।
पिता के साथ संबंध सामान्यतः सकारात्मक रहते हैं, लेकिन कभी-कभी भावनात्मक दूरी हो सकती है क्योंकि सूर्य का प्रभाव व्यक्ति को अधिक आत्मनिर्भर बनाता है।

स्वास्थ्य पर प्रभाव

कभी-कभी सूर्य यहाँ हृदय क्षेत्र, रक्तचाप या शरीर की गर्मी से संबंधित समस्याएँ दे सकता है। यदि सूर्य कमजोर हो तो जातक भावनात्मक संवेदनशीलता या मानसिक बेचैनी का अनुभव कर सकता है।

आध्यात्मिक झुकाव

चौथे भाव में सूर्य व्यक्ति को आंतरिक जागृति और आत्मबल की दिशा में ले जाता है। यह व्यक्ति जीवन में सत्य, धर्म और सिद्धांतों को महत्व देता है।

उपाय

यदि सूर्य अशुभ परिणाम दे रहा हो या चौथे भाव में परेशानियाँ दे रहा हो, तो ये उपाय सहायक हो सकते हैं
प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पित करें
तांबे का उपयोग बढ़ाएँ
माता के प्रति सम्मान और सेवा बढ़ाएँ
सूर्य मंत्र का जाप करें
घर में नियमित सफाई और प्रकाश व्यवस्था रखें
जरूरतमंदों को गेहूँ और गुड़ दान करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Explore More

सूर्य नौवें भाव में

कुंडली का नवम भाव भाग्य, धर्म, शिक्षा, गुरु, यात्रा, सिद्धांत और जीवन दर्शन का घर माना जाता है। जब सूर्य इस भाव में स्थित हो, तो व्यक्ति के जीवन में

सूर्य बारहवें भाव में

बारहवाँ भाव हानि, व्यय, विदेश, एकांत, मोक्ष, आध्यात्मिकता, अस्पताल, आश्रम, त्याग और अवचेतन मन का क्षेत्र माना जाता है। जब सूर्य इस भाव में स्थित होता है, तब यह व्यक्ति

सूर्य ग्यारहवें भाव में

कुंडली का ग्यारहवाँ भाव लाभ, आय, इच्छाओं की पूर्ति, सामाजिक नेटवर्क, मित्र, बड़े लक्ष्य और महत्वाकांक्षाओं का घर माना जाता है। जब सूर्य इस भाव में स्थित हो जाता है,