दसवाँ भाव कर्म, करियर, प्रतिष्ठा, सामाजिक पहचान, प्रसिद्धि और जिम्मेदारियों का घर माना जाता है। जब सूर्य इस भाव में स्थित हो, तो यह ज्योतिष में सबसे शक्तिशाली और शुभ स्थानों में गिना जाता है। सूर्य यहाँ अपनी पूरी चमक के साथ प्रभाव डालता है और व्यक्ति को कर्म, समाज और मेहनत के क्षेत्र में पहचान दिलाता है।
स्वभाव और व्यक्तित्व
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ऐसे जातक आत्मविश्वासी, कर्तव्यनिष्ठ, मेहनती और नेतृत्व गुणों से भरपूर होते हैं।
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व्यक्तित्व में एक स्वाभाविक authority दिखाई देती है और लोग इन्हें सम्मान से देखते हैं।
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निर्णय लेने की क्षमता अच्छी होती है और स्थिति को नियंत्रण में रखने की शक्ति रहती है।
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यह व्यक्ति जिम्मेदार, अनुशासनप्रिय और समाज व परिवार दोनों में प्रभावशाली होता है।
करियर और पेशे में सफलता
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सूर्य का दसवें भाव में होना सरकारी पद, प्रशासन, नेतृत्व, सेना, पुलिस, राजनीति, मैनेजमेंट, आईएएस/आईपीएस, मेडिकल, अध्यापन, या किसी उच्च पद वाली नौकरी में बड़ी सफलता देता है।
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जातक अपने कर्मक्षेत्र में पहचान बनाता है और धीरे-धीरे ऊँचे पद पर पहुँचना निश्चित होता है।
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ऐसे लोग अक्सर अपने क्षेत्र में authority figure बन जाते हैं—लोग इन्हें मार्गदर्शन व निर्णय के लिए देखते हैं।
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स्वयं का व्यवसाय शुरू करने की क्षमता भी रहती है, खासकर यदि सूर्य मजबूत हो।
प्रसिद्धि और सामाजिक प्रतिष्ठा
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समाज में अच्छा नाम, सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त होती है।
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लोग इनके काम को सराहते हैं और इन्हें एक आदर्श के रूप में देखते हैं।
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जीवन के मध्यकाल में बड़ी उपलब्धियाँ मिलती हैं और करियर में मजबूत पकड़ बनती है।
पिता और वरिष्ठ लोगों से संबंध
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पिता का प्रभाव व्यक्ति के करियर पर गहरा रहता है।
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पिता की ओर से मार्गदर्शन, प्रेरणा या कभी-कभी कठोर अनुशासन देखने को मिलता है।
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सूर्य कमजोर हो तो पिता से विचारों का टकराव या दूरी हो सकती है, लेकिन वे व्यक्ति के जीवन को आकार अवश्य देते हैं।
भाग्य और कर्म
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सूर्य दसवें भाव में जातक को कर्मप्रधान बनाता है—यानि जितना काम करेगा, उतनी ही अच्छी उपलब्धि मिलेगी।
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जातक समाज और परिवार में जिम्मेदारी उठाने में आगे रहता है।
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जीवन में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं, लेकिन व्यक्ति हार नहीं मानता और फिर से उठ खड़ा होता है।
स्वास्थ्य पर प्रभाव
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सामान्यतः स्वास्थ्य अच्छा रहता है।
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लीवर, रक्तचाप, हृदय या हड्डियों से जुड़ी समस्याएँ कभी-कभी हो सकती हैं, खासकर सूर्य अशुभ हो तो।
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मानसिक दृढ़ता दूसरों की तुलना में अधिक होती है।
नकारात्मक प्रभाव (यदि सूर्य कमजोर या पाप प्रभाव में हो)
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बॉस या वरिष्ठों से टकराव
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पिता से मतभेद
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करियर में देरी या रुकावट
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अहंकार के कारण अवसरों का नुकसान
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सरकारी मामलों में परेशानी
सकारात्मक प्रभाव
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नेतृत्व क्षमता
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बड़े पदों पर पहुँचने की योग
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मजबूत करियर और प्रतिष्ठा
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समाज में सम्मान
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निर्णायक और जिम्मेदार स्वभाव
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सरकारी क्षेत्र में सफलता
उपाय
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प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पित करें।
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रविवार को गुड़, गेहूं या तांबे की वस्तुएँ दान करें।
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घर में साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था अच्छी रखें।
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“ॐ घृणि सूर्याय नमः” का नियमित जाप करें।
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पिता और वरिष्ठ लोगों का सम्मान करें।