भगवान श्रीकृष्ण का पृथ्वी पर अवतार केवल धर्म की स्थापना और अधर्म के नाश के लिए हुआ था। जब उनका कार्य पूरा हो गया और द्वारका में यादव कुल के भीतर अराजकता बढ़ने लगी, तब उनका पृथ्वी-लीला समापन की ओर बढ़ा। यह कथा अत्यंत गहरी और शिक्षाप्रद है। नीचे इस घटना का क्रमबद्ध और विस्तृत वर्णन दिया गया है। 1. यादव वंश का पतन प्रारंभ होना महाभारत युद्ध के बाद शांति का समय आया। द्वारका समृद्ध और शक्तिशाली थी। लेकिन उसी समय एक घटना घटी जो यादव कुल के विनाश का कारण बनी। एक दिन ऋषि—नारद, दुर्वासा और विश्वामित्र—द्वारका आए।…