वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा मन, भावनाओं, कल्पनाशक्ति और संवेदनशीलता का प्रतीक ग्रह है। पंचम भाव बुद्धि, रचनात्मकता, प्रेम, संतान, शिक्षा और पूर्व पुण्य से जुड़ा होता है। जब चंद्रमा पंचम भाव में स्थित होता है तो व्यक्ति का मन रचनात्मक सोच, भावनात्मक बुद्धि और प्रेमपूर्ण अभिव्यक्ति की ओर झुक जाता है। ऐसा व्यक्ति स्वभाव से कल्पनाशील और भावनात्मक रूप से बुद्धिमान होता है। उसकी सोच में गहराई होती है और वह चीजों को केवल तर्क से नहीं बल्कि भावना से भी समझता है। पढ़ाई लिखाई में रुचि तब अधिक होती है जब विषय उसे मानसिक और भावनात्मक रूप से आकर्षित…