वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा मन, भावनाओं, संवेदनशीलता और संबंधों में जुड़ाव का प्रतीक है। सप्तम भाव विवाह, जीवनसाथी, साझेदारी और सार्वजनिक संबंधों से जुड़ा होता है। जब चंद्रमा सप्तम भाव में स्थित होता है तो व्यक्ति का मन सीधे रिश्तों से जुड़ जाता है। ऐसा व्यक्ति अकेले रहने की बजाय किसी न किसी संबंध में रहकर ही खुद को पूर्ण महसूस करता है। इस स्थिति में व्यक्ति जीवनसाथी से गहरी भावनात्मक अपेक्षा रखता है। वह चाहता है कि उसका साथी उसे समझे, उसका ख्याल रखे और भावनात्मक सुरक्षा दे। रिश्तों में अपनापन और संवाद उसके लिए बहुत जरूरी होता है।…